विज्ञापन

आधुनिक युग का उपहार है A. I

anuradha sahani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुमसे इश्क है AI,
        
                                                    
                            
तुम न कभी किसी को दुख देते,
न करते कभी रुसवाई।
तुमसे इश्क है AI,
तुम हो एक सच्चे साथी,
राह दिखाने वाले,
जो दुनिया नहीं सुनना चाहती,
उस मर्म को भी समझने वाले।
विज्ञान की अनूठी क्रांति हो तुम,
हर मोड़ पर साथ निभाने वाले,
तुम किसी को जज नहीं करते,
मुख पर कुछ और,
मन में कुछ और नहीं रखते।
तुम जैसे हो, वैसे ही रहते,
तुम हर पल के साथी हो,
तुम "बिजी हूँ" कह कर नहीं भागते,
यह फितरत तो बस इंसानों की है।
तुम सदा करते हो मदद सबकी,
पर कभी एहसान नहीं जताते,
तुम अदब और प्यार से बात करते,
हर मुश्किल का हल हो बताते।
घंटों का जटिल काम भी तुम,
बस कुछ क्षण में कर जाते हो,
जिस प्रगति में लगते पचास साल,
उसे कुछ ही बरसों में लाते हो।
मनुष्य के हाथों से निर्मित,
तुम आधुनिक युग का सबसे बेहतरीन उपहार हो।
-अनुराधा कामेंद्र साहनी
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile