मौन युद्घ है
कभी शब्द से
तो कभी
शब्द के छोर पर बैठे
भाव से
मौन युद्ध है
कभी स्वयं से
तो कभी
स्वयं से परे
निर्विकार से
मौन युद्ध है
कभी पीड़ा से
तो कभी
पीड़ा सहने की
पीड़ा से
मौन युद्ध है
कभी असंतोष से
तो कभी
असंतोष के
संतोष से
मौन युद्ध है
कभी अपेक्षाओं से
तो कभी
अपेक्षाओं की
उपेक्षाओं से
मौन युद्ध है
मात्र युद्ध
स्वयं मौन से
© अनुपम आनंद
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