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अच्छे-अच्छे निगाहों से उतर जाते हैं

Anshu Dubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाने कैसे लोग वफाओं से भटक जाते हैं
        
                                                    
                            
अपनी जुबान पर वो टिक नही पाते हैं
मुकरने की हरकतों से वो बाज नही आते हैं
तभी बड़े अच्छे-अच्छे इन निगाहों से उतर जाते हैं
ये दोमुँहे व्यक्तित्व के लोग
अक्सर पहचान में नही आते हैं
छलावे में बस उनकी हम उलझ जाते हैं
हमें मोहरा बना वो ,फिर हमें ही समझाते हैं
अपनी चपलता से वो हमें फसाते है
कुछ गिद्ध नजर वाले
मौके का फायदा तुरंत उठाते हैं
तभी बड़े अच्छे-अच्छे इन निगाहों से उतर जाते हैं
-सुनिधि द्विवेदी
2 वर्ष पहले
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