हर वर्ष वसंत वही आता है
पर ताजगी दे जाता है
एक नयापन लाता है
एक बांकपन लाता है
एक नव उमंग दे जाता है
एक नया रंग दे जाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'