विज्ञापन

मुश्किल राहें मुझे रोक न पाएं

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुश्किल राहें मुझे रोक न पाएं
        
                                                    
                            
चाहे आएं लाख बाधाएं
हम तिरंगा फहराएंगे
हम तिरंगा लहराएंगे
हम बागी बलिया के वीर
हम त्यागी बलिया के वीर
हम बागी बैरिया के वीर
हम बड़े दिल वाले
हम ऊंचे विचार वाले
दिल मेरा विशाल
मैं करूंगा कमाल
मैं निकलूंगा लेकर मसाल
लाऊंगा मैं नव विहान
बनाऊंगा मैं विकसित हिंदुस्तान
जिंदा रहे मेरे गांव का मैदान
जिंदा रहे मेरे गांव का गंगा का मैदान
हूं मैं जवान
बनूंगा मैं महान
मैं जितूंगा जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all