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स्वर्ग धरा पर आए

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुंदर तरूणी जैसी प्रकृति सुंदरी मुस्काए
        
                                                    
                            
उत्तर कर आज स्वर्ग धरा पर आए
सुंदरता छलके
हल्के-हल्के
देखो, स्वर्ग चल के
धरती डोले, झूमे अंबर
स्वर्ग उतरा आज धरा पर
प्रकृति सुंदरी बैठी बन ठन कर
नदी के किनारे
अपनी अलकों को संवारे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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