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सुख पाया

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन से लक्ष्य बनाया
        
                                                    
                            
श्रम से लक्ष्य पाया
मैंने सोचा इसे पाने से सुख मिलेगा
मैंने सोचा दुःख का पहाड़ हिलेगा
पर सुख मिला नहीं
दुःख का पहाड़ हिला नहीं
सुख भी एक भरम है
करना केवल करम है
दुःख को सुख समझना होगा
जीवन की पहेली को बुझना होगा
सुख के चाह में
पाते दुःख राह में
दुनिया एक भरम है
करना केवल करम है
करम में कैसा शरम है?
निभाना मानव धरम है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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