सुबह सुबह टहलने निकलो
सुबह सुबह सुबह सुंदरी से मिलने निकलो
बाग बगिचों में टहलने निकलो
सुबह सुंदरी बांट रही है उपहार
तन मन के स्वास्थ्य का उपहार।
- सहज कुमार