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समझे दुनिया सारी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पत्नी मुझको मूर्ख समझे
        
                                                    
                            
मैं खुद को चतुर
सारा समाज मुझको मूर्ख समझे
मैं खुद को चतुर
जिसको जो समझना समझे
मैं लिए चलता पावन उर
कोई मुझको समझे
दुर्योधन, कर्ण या विदुर
जिसकी जितनी समझदारी
उतना समझे,समझे दुनिया सारी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
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