सारा समाज बदलो
शासकों का ताज बदलो
कल नहीं अभी आज बदलो
शिक्षा व्यवस्था बदलो
ईमान पर चलो
इंसान बदलो
अवनी और आसमान बदलो।
- सहज कुमार