साहित्य समाज को बनाता है
साहित्य समाज को संवारता है
साहित्य से समाज बढ़ता है
साहित्य समाज को गढ़ता है
साहित्य समाज का दर्पण ऐसे ही नहीं है
समाज साहित्य से ही है
इसीलिए साहित्यकार का होना चाहिए सम्मान
तभी आगे बढ़ेगा हिंदुस्तान और सकल जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'