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सहज कुमार और थावे देवी मैया

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलिए चलते हैं गोपालगंज जिला
        
                                                    
                            
गंडक नदी के किनारे बसा जिला
भोजपुरी,हिंदी,अंग्रेजी बोला जाता यहां
यहां के पंकज त्रिपाठी को जानता जहां
सीवान से नहीं है यह दूर
साग सब्जी पड़किया से भरपूर
छपरा से काट कर दो अक्टूबर १९७३ में बना जिला
लालू,अब्दुल गफूर,राबड़ी,मैनेजर पांडेय का जिला
राधा मोहन चौबे जैसा भोजपुरी कवि यहां से मिला
जौहर शफियाबादी सूफी संत कवि का है यह जिला
विश्व प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर थावे यहीं है
रेल से जुड़ी यह महमोहिनी मही है
लोग दमदार
कुछ समझदार
कुछ रंगदार
करते पर प्यार
मैं आया यहां जून 2012 में
मैंने छोड़ा इसे अप्रैल 2018 में
खूब पढ़ाया
खूब बढ़ाया
मिले वरिष्ठ अधिकारी श्री शशि शेखर सिंह
हृदय से अच्छे पर वीर बहादुर जैसे सिंह
उनका मैं प्यार पाया
छात्रों पर अधिकार जमाया
पर सत्ता कितने दिन टिकती है
इतिहास नवीन नित लिखती है
हुआ वही, वहीं मैं दिल छोड़ आया
मित्रों सगे संबंधियों से मुंह मोड़ आया
मैं मुजफ्फरपुर आया
पुनः मैं गया आया
कवि के रुप में धाक जमाया
मंच संचालक के रुप में धाक जमाया
मैंने सब सही सही आज आपको बताया
बस अभी इतना यही, फिर मिलेंगे
गुलाब जैसा हम खिलेंगे
सबको सलाम मेरा
सबको प्रणाम मेरा
क्या मेरा
सब कुछ तेरा
मैं तो डाला केवल फेरा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
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