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रखो जिंदा स्वाभिमान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिसका मर गया स्वाभिमान है
        
                                                    
                            
वही मरा हुआ इंसान है
आज तो जीवित इंसान हैं मृतक समान
क्योंकि न तो उनके कोई सपने हैं,और न है स्वाभिमान
ऐसे लोगों से कैसे बनेगा, स्वाभिमानी हिंदुस्तान?
और सुंदर सा जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 सप्ताह पहले
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