जहां पेपर लीक हो जाता है
पैसा दो सब ठीक हो जाता है
जहां ईमान बिक जाता है
जहां इंसान बिक जाता है
जहां वोट बिक जाता है
देश वह भारत कहलाता है।
- सहज कुमार