बहनों! माताओं!
ओ वीरांगनाओ!
स्वयं को जगाओ
खुद को बुलंद बनाओ
मां दुर्गा बन जाओ
मां काली बन जाओ
क्षत्राणियां बन जाओ
बनो झांसी की रानी
रचो वीरता की कहानी
छोड़ जाओ अमर निशानी
माताओं! बनो जीजाबाई
बहनों! बनो लक्ष्मीबाई
क्षत्राणियों! शेरों को जनो
शेरनियां बनो
ये भेड़िए कहां से आए?
इनको चलो मार गिराएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'