विज्ञापन

ओ अमृत संतान!

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ओ शेरों के अमृत संतान!
        
                                                    
                            
ओ हिंद के वीर संतान!
ओ हिंदुस्तान के जवान!
ओ भारत मां के अमृत संतान!
रूको मत
झुको मत
सत्पथ पर चलते जाओ
कर्म पथ पर चलते जाओ
कदम आगे बढ़ाते जाओ
तिरंगे को और ऊपर उठाओ
भारत मां की जय
भवानी मां की जय
वीरों की जय,जय
के नारे लगाते जाओ
जाओ जीत कर आओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile