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गूंज रहा है मां भारती की पुकार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कौन सुनेगा मेरे दिल की पुकार?
        
                                                    
                            
कौन सुनेगा मेरी हुंकार?
आग आजादी की
आग आबादी की
गूंज रहा है मां भारती की पुकार
गूंज रहा है स्वदेश का प्यार
गूंज रहा है पावन मंत्रोच्चार
गूंज रहा है क्रांति का उच्चार
सुनो,दुनिया वालों हिंद की पुकार
सुनो, सहेंगे नहीं हम अब अत्याचार
लड़ेंगे लड़ाई आरपार
चाहे कटे कोटि शीष बार बार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
 
एक महीने पहले
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