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उस सुंदर शहर को मेरा सलाम

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लगता मुझे मेरा मुजफ्फरपुर एक छोटा हिंदुस्तान
        
                                                    
                            
लगता मुझे मेरा मुजफ्फरपुर स्वर्ग से सुंदर स्थान
लगता मुझे मेरा मुजफ्फरपुर एक सुंदर जहान
जहां हैं सुंदर सुंदर ढेर सारे लीची के बागान
जहां हैं सुंदर सुंदर ढेर सारे मनमोहक मकान
जहां हैं एक सुंदर वातावरण जो छूता आसमान
जहां है साहित्यकार ऐसे जिनका नाम छूता आसमान
जहां हैं कवि कलाकार कितने बताना नहीं आसान
जहां गूंजते सहज कुमार के गौरव गान
जहां हैं एक सुंदर सहज कुमार का मकान
जहां है जार्ज फर्नांडिस का बहुत बड़ा योगदान
जहां हैं लोग प्यारे प्यारे रखते सबका ध्यान
जहां हैं नदी नाले और झील नदियां भरती उफान
जहां मिलता सुकून सदा स्वर्ग समान
जहां हैं आम अमरूद सब्जी जिन्हें गिनना नहीं आसान
जहां हैं ढेर सारे सुंदर सुंदर हर चीज के दुकान
जहां बसता हृदय मेरा है हृदय में ऊंचा स्थान
जहां है निराला निकेतन जैसे सुंदर मकान
जिस शहर को जानता जहान
उस सुंदर शहर को मेरा प्रणाम
उस सुंदर शहर को मेरा सलाम
उस सुंदर शहर को बारंबार
मेरा प्यार भरा नमस्कार
ओ मुजफ्फरपुर! करो मेरा नमस्कार
तुम आज अभी स्वीकार
हो तुम प्यार की बहती धार
तुमसे है सहज कुमार
सहज कुमार
से तुम हो
क्यों गुम सुम हो
बोलो
मुंह खोलो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक दिन पहले
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