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लड़पन की यादें

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किस्मत हमसे रूठ गया,
        
                                                    
                            
वक्त क्यों पीछे छूट गया।
बचपन की वह यादें प्यारी,
हमने भी की शरारतें क्या न्यारी।
मुस्कुराहट की वह शाम निराली,
दोस्तों की वह बातें अतरौली।

- अंकित कुमार
2 महीने पहले
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