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मां!तेरे मेरे बीच में

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत मां!तेरे मेरे बीच में है कैसा ये बंधन अंजाना
        
                                                    
                            
जिसे कोई नहीं जाना
जिसे कोई नहीं माना
जिसे नहीं जाना जमाना
चाहे हजार बार मुझे पड़े आना
या मुझे पड़े जाना
टूटे नहीं ये बंधन अनजाना।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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