मेरी कविताओं में इतिहास बोलता है
मेरे कविताओं में सारा समाज बोलता है
मेरी कविताओं में कल और आज बोलता है
कवि अजर अमर होता है
कवि समाज का दर्पण होता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'