कौन है वह देश जहां खेत लहलहाते हैं?
पुष्प झूम झूम झूमते झूमाते हैं
आम अमरूद की डालियां लचकती हैं
कोमल कोमल कलियां निकलती हैं
रोज रात को चांदनी निकलती है
स्वदेश प्यार में सेनाएं निकलती हैं
मंद मंद पावन पवन नित बहती है
जांबाज जवानों की छातियां मचलती हैं
वह देश हमारा हिंदुस्तान है
जो जग का हृदय स्थान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'