विज्ञापन

कैसी आजादी?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिरंगा लहर रहा है
        
                                                    
                            
तिरंगा फहर रहा है
पंद्रह अगस्त आज आया है
चारों ओर खुशहाली लाया है
पर गरीबों के चेहरे पर उदासी है
क्या यही आजादी है?
क्या इसी आजादी के लिए हुए हम बलिदान?
पूछ रहे हैं बच्चे बुढ़े और जवान।
- सहज कुमार
10 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

sunil kumar

181 कविताएं

View Profile

Anita Chaturvedi

161 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

578 कविताएं

View Profile