तिरंगा लहर रहा है
तिरंगा फहर रहा है
पंद्रह अगस्त आज आया है
चारों ओर खुशहाली लाया है
पर गरीबों के चेहरे पर उदासी है
क्या यही आजादी है?
क्या इसी आजादी के लिए हुए हम बलिदान?
पूछ रहे हैं बच्चे बुढ़े और जवान।
- सहज कुमार
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