लगाओ नित ध्यान
मन पर कसो कमान
चंचल मन जाता है उधर
आता है इधर
इसको ईश्वर
पर टिकाओ
जहां कहता है यह, "जाओ "
वहां ईश्वर को देखो,और ईश्वर को पाओ
मन को परमात्मा में लगाओ
यह निरंतर अभ्यास से आता है
पहले पहल मन घबराता है
अंततः ईश्वर को पाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'