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ईश्वर का प्यार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छल छल छलक रहा स्वदेश प्यार
        
                                                    
                            
छल छल छलक रहा संसार प्यार
नदियां नाले पेड़ पौधे हजार
अवनी और अंबर का प्यार
छलक रहा है जैसे गंगा की धार
नील गगन से टपक रहा ईश्वर का प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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