विज्ञापन

इंतजार में

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बादलों के इंतजार में
        
                                                    
                            
खड़े हैं हम खेत बाधार में
छुपा छुपी का खेल
मेघ रहे हैं खेल
छिप छाप पानी
बढ़ाए परेशानी
बरसो बादल घन घोर
बरसो चहुंओर
यही तुमसे गुहार है
बस तेरा इंतजार है।
- सहज कुमार
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all