होगा सवेरा
होगा सवेरा
सूरज उगेगा
जमाना जगेगा
पुष्प खिलेंगे
मित्र मिलेंगे
रखो विश्वास
और आस
सुख के दिन आएंगे
दुःख के दिन जाएंगे।
- सहज कुमार