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हमारा मुजफ्फरपुर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहां बहे संस्कृति,साहित्य,वाणिज्य की पावन धारा
        
                                                    
                            
जहां बहे विकास,प्रकाश,आस, विश्वास की धारा
जहां शिव,हनुमान,राम, श्याम विराजें
जहां दिनकर,जानकी की लेखनी विराजे
जहां सहज कुमार के गूंजे गौरव गान
जिस शहर को जाने जहान और हिंदुस्तान
जहां खुदीराम राम बोस के हुंकार से अंग्रेज भागे
जहां बहे बागमती,गंडक,लखनदेई की धारा
है जो जग का कोहिनूर,है वह मुजफ्फरपुर हमारा
चमके जैसे अंबर में ध्रुवतारा,है शहर यह हमारा
है जो बिहार की दूसरी राजधानी
है जो उत्तर बिहार की राजधानी
है जो जिला हमारा बलिदानी
है जहां की जलवायु सुहानी
जो जोड़े जग को रेल,रोड,विमान से
मैं हूं वहां से, कहता हूं शान से
मैं वहां रहता हूं पूरे आन बान से
जो सीधे बात करता जहान से
जीते जहां के लोग स्वाभिमान से
है वही मुजफ्फरपुर नगर
जिसका नाम है अमर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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