विज्ञापन

हमारा गया शहर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आईए हमारे गया में
        
                                                    
                            
पीपल के शीतल छाया में
बुद्ध के गया में
गयासुर के गया में
सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'के गया में
जहां की माटी में है खुशबू हिंदुस्तान की
ज्ञान आसमान की
है धरती भगवान की
है हमारे हृदय स्थान की
जहां पितृपक्ष मेला लगे
जहां लोग सारी रात जगे
अनारसा तिलकुट लाई की मीठास लिए
विश्व विजय की आस लिए
विश्व को जोड़ने का विश्वास लिए
विष्णु पद मंदिर है जहां
आता तर्पण करने विश्व जहां
अंततः सलीला फल्गु के किनारे
लगे विश्व शांति के नारे
जहां पितरों के शांति के लिए मंत्र उच्चारें
पंडा ढेर सारे
है आसमान का तारा
गया शहर हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3565 कविताएं

View Profile