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हैं देश सारे सुंदर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हैं और देश भी सुंदर पर अपने वतन के बाद
        
                                                    
                            
हैं और नदियां भी पावन पर गंग जमन के बाद
हैं और कर्म भी सुंदर पर अपने सत्कर्म के बाद
हैं और लोग भी सम्मानित पर माता पिता के बाद
हैं और तन भी सुंदर पर अपने तन मन के बाद
हैं और घर भी सुंदर पर अपने घर के बाद
हैं और गांव भी सुंदर पर अपने गांव के बाद।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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