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है अटल संकल्प मेरा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कौन मुझको रोक रहा है?
        
                                                    
                            
कौन मुझको टोक रहा है?
आगे बढ़ने से
चढ़ाइयां चढ़ने से
मैं उसे कुचल दूंगा
मैं उस पर चल दूंगा
समंदर सा मेरा वक्ष स्थल विशाल है
हिमालय सा मेरा उन्नत भाल है
संकल्प पर्वत सा अटल है मेरा
सत्य सिंधु सा साहस सदा से संबल है मेरा
रास्ते में जो बाधाएं आएंगी
चूर चूर हो दूर जाएंगी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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