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गोरखपुर और सहज कुमार

Ankit Kumar

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                            उत्तर प्रदेश का नामी शहर गोरखपुर
        
                                                    
                            
ठीक रेलवे स्टेशन के सामने विश्व विद्यालय गोरखपुर
गुरु गोरखनाथ के नगरी है गोरखपुर
राप्ती नदी के किनारे बसा है गोरखपुर
चमचम चमके दमके हमारा गोरखपुर
१९९० से १९९४ तक रहा मैं गोरखपुर
एम.ए. अंग्रेजी में,बी.एड.एल.टी.किया मैं
ब्रिज कोर्स किया मैं
इसी पावन शहर से
गोरखपुर नगर से
गोरखपुर विश्वविद्यालय में पढ़ा मैं
कैसे कैसे पढ़ पढ़ा के बढ़ा मैं
फुटपाथ पर खा के पढ़ा मैं
खुद को तपा के खुद को गढ़ा मैं
बना प्राध्यापक अंग्रेजी का,पढ़ाया,पढ़ा मैं
रेडियो स्टेशन से कविता पढ़ा मैं
पचहत्तर रूपया पाकर पढ़ा मैं
कैसे कैसे आगे बढ़ा मैं
कवि सहज कुमार बना मैं
कैसे कैसे तना मैं?
क्या क्या बताऊं?
क्या क्या गिनाऊं?
संघर्ष करके बढ़ा मैं
पढ़ा मैं, सपना सुंदर सुंदर गढ़ा मैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
45 मिनट पहले
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