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गांव की ओर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहे मंद मंद पवन
        
                                                    
                            
मन मोहे उपवन
यह पावन पवन
यह औषधि अनमोल
लगाओ न इसका मोल
पैसे से मत इसे तोल
मिले भोरे भोर
चलो गांव की ओर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
56 मिनट पहले
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