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गांव की ओर

                
                                                         
                            बहे मंद मंद पवन
                                                                 
                            
मन मोहे उपवन
यह पावन पवन
यह औषधि अनमोल
लगाओ न इसका मोल
पैसे से मत इसे तोल
मिले भोरे भोर
चलो गांव की ओर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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40 मिनट पहले

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