दुर्गा मां! मेरे घर आज आईए
मुझे अपना आशीर्वाद दे कर जाइए
जाइए मत, मेरे घर रह जाइए
अतुलित शक्ति दीजिए, मां!
कुछ कीजिए, मां!
कीजिए दुष्टों का संहार
दीजिए अपना प्यार
दीजिए मुझे शक्ति अपार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'