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दिखा,दो चांद

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिखा,दो चांद
        
                                                    
                            
पहला चांद
तेरा अनुहार
दूसरा अंबर का उपहार
हैं दोनों दमदार
है दोनों में सुंदरता अपार
है दोनों शानदार
है दोनों जानदार
है दोनों से संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
52 मिनट पहले
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Prasoon Saxena

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