आ रही दुर्गा मां की सवारी
करो पूजा अर्चन की तैयारी
सिंहवाहिनी सिंह पर सवार
होकर आ रही है मेरे द्वार
लेकर पुष्प करो सेवा सत्कार
लेकर अक्षत रोली सिन्दूर,करो सत्कार
आ रही लिए शक्ति अपार
आ रही लिए करों में तलवार
आ रही,काटने को बंधन हजार
करो पूजा अर्चन वंदन बार बार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'