स्वदेश प्यार दिल की धड़कनों को बढ़ाता है
कैसे प्यार करूं कुछ समझ में नहीं आता है
मन मेरा स्वदेश पर प्यार लुटाता है
पर दिल मेरा कुछ कह नहीं पाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'