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धर्म एक दिखावा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन में आराम कहां है?
        
                                                    
                            
सुबह कहां है,शाम कहां है?
दिखता आज ईमान कहां है?
वह हमारा हिंदुस्तान कहां है?
हमारे राम श्याम कहां हैं?
धर्म एक दिखावा है
धर्म एक छलावा है
हर जगह ठगी का धंधा है
आज धर्म बना एक धंधा है
हर त्यौहार में होता दिखावा है
मंदिर में चढ़ता चढ़ावा है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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