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बिना वीरों के समर कैसा?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब तक डरते रहोगे?
        
                                                    
                            
कब तक मरते रहोगे?
कब तक सहते रहोगे?
कब तक दबते रहोगे?
होकर एक जुट लड़ जाओ
हक पर अपने तुम अड़ जाओ
झुका दो सरकार को
उखाड़ दो सरकार को
पा लो अधिकार को
हो सही तो डर कैसा?
हो सिंह तो डर कैसा?
हो साहसी तो डर कैसा?
बिना वीरों के समर कैसा?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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