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ज़ालिम वक्त: एक आईना'

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त भी कैसी ज़ालिम है,
        
                                                    
                            
अपनों से कुछ कराती है,
दोस्त को शत्रु बनाती है,
परिस्थिति ऐसी लाती है।
जीवन बस खाए जाती है,
सांसें भी ले जाती है,
और कभी आँसू भी ले जाती है,
और कभी आशाएँ भी ले जाती है,
वक्त ही हमें आईना दिखा जाती है,
अपनों का दिया धोखा बता जाती है,
जीवन की हकीकत समझा जाती है,
पैसे की कीमत दिखा जाती है,
दुनिया की शकल बता जाती है।
हाँ, वक्त भी कैसी ज़ालिम है,
अपनों से कुछ कराती है,
दोस्त को शत्रु बनाती है,
परिस्थिति ऐसी लाती है।
3 महीने पहले
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