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छंठवी पास प्रसाद जी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छंठवी तक प्रसाद जी पढ़े
        
                                                    
                            
उनकी रचनाएं एम.ए.में हम पढ़े
ऐसा कैसे हुआ?
संगति से हुआ
बाल्यावस्था से
कवियों के
संगति से
वे बने कवि महान
छोड़े वे साहित्य पर निशान
हम डिग्री लिए घूम रहे हैं
मालिकों के चरण चूम रहे हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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