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चापलूसी से

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चापलूसी से धन,पद पा जाऊं,ऐसी मेरी चाह नहीं है
        
                                                    
                            
कर्मठता और सच्चाई से बढ़कर कोई राह नहीं है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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