भीड़ में हम क्यों खो गए?
भीड़ का हम क्यों हो गए?
भीड़ में अलग पहचान बनाना है हमें
भीड़ से अलग पहचान बनाना है हमें
भीड़ में दूर से दिख जाओ
भीड़ से दूर से दिख जाओ
भीड़ से निकल कर इतिहास नया लिख जाओ।
- सहज कुमार