विज्ञापन

भीड़ से अलग

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भीड़ में हम क्यों खो गए?
        
                                                    
                            
भीड़ का हम क्यों हो गए?
भीड़ में अलग पहचान बनाना है हमें
भीड़ से अलग पहचान बनाना है हमें
भीड़ में दूर से दिख जाओ
भीड़ से दूर से दिख जाओ
भीड़ से निकल कर इतिहास नया लिख जाओ।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile