विज्ञापन

भारत मां को बचाएंगे

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छोड़ कर भला भारत मां को कहां हम जाएंगे?
        
                                                    
                            
बार बार जन्म लेकर हम यहां आएंगे
इतने प्यारे हिंदुस्तान को जहां में हम कहां पाएंगे?
इस प्यारी धरा के लिए हो बलिदान हम जाएंगे
बन कर भगतसिंह,और आजाद हम आएंगे
बन कर प्रताप,शिवा इस धरा को हम बचाएंगे
अपनी आन बान शान के लिए हो कुर्बान हम जाएंगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10489 कविताएं

View Profile