विज्ञापन

है ध्रुवतारा, है सारे संसार का सितारा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देश तो बहुत सारे हैं
        
                                                    
                            
सभी सदा से सबके प्यारे हैं
हां,देश तो बहुत सारे हैं
देशों की क्या कमी है?
पर सभी पर कायरता की धूल जमी है
किसी पर घृणा,द्वेष की धूल जमी है
है सबसे सुंदर, सबसे प्यारा
भारत देश हमारा
यहां किस चीज की कमी है
तीन तरफ तीन समंदर
है साहस अपार अपने अंदर
है हिमालय हमारा
प्राकृतिक प्रहरी प्यारा
हैं वेद ,उपनिषद, पुराण,
महाभारत,गीता, कुरान
अवेस्ता,गुरु ग्रंथ साहिब,बाइबल महान
गूंजती वेद की ऋचाएं
गूंजते भोरे भोर मस्जिदों में अजान हैं
तुलसी कबीर रहीम के स्वर से गूंजता आसमान है
हां जिसे कहते स्वर्ण पंछी, रीवा खंड,भारत,हिंदुस्तान है
ऐसा सुंदर देश हमारा जहां अवतरित होते भगवान हैं
कभी कृष्ण कभी राम कभी बुद्ध बनके आते भगवान हैं
गिनती दुनिया की एक से नौ पर रूकी थी
सामने हमारे सबकी शीष झुकी थी
तभी शून्य और दशमलव देकर हमनें गिनती सिखाई
सभी रुग्ण थे तभी योगा,प्राणायाम से स्वास्थ्य दिलाई
धन्य है भारत हमारा
जो बना सबका सहारा
आकर जहां सिकंदर हारा
पुरू और संतों का देश हमारा
है ध्रुवतारा, है सारे संसार का सितारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile