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भाग्य निर्माण

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो सुबह सुबह टहलता है
        
                                                    
                            
भाग्य उसका चमकता है
स्वस्थ वही रहता है
जो पैदल चलता है
जो व्यायाम करता है
जो प्राणायाम करता है
जो स्वास्थ्य का ध्यान रखता है
सफलता का स्वाद वह चखता है
हैं हम अपने भाग्य के निर्माता
हैं हम अपने भाग्य विधाता
नूतन भाग्य बनाओ
खुद को तुम चमकाओ।
- सहज कुमार
एक महीने पहले
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