कौन है जो डर रहा है?
कौन है जो मर रहा है?
डरना,मरना छोड़ो
अगर मगर करना छोड़ो
बाधाओं से टकराओ
बाधाओं को हराओ
वीरों के लिए बना जग है
जीतता वही जिसमें उमंग है
राष्ट्र प्रेम से जो भरा नहीं है
विश्व प्रेम से जो भरा नहीं है
वह मनुष्य नहीं है
उसका कोई भविष्य नहीं है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'