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हंसी के पात्र बन जाओगे।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मौसम बदला, तुम भी बदलो
        
                                                    
                            
तूफान चला, तुम भी चलो
सब बदला, तुम भी बदलो
रंग बदला
ढंग बदला
तुम भी रंग ढंग बदलो
नहीं पिछड़े कहलाओगे
हंसी के पात्र बन जाओगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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